रक्षाबंधन का त्यौहार भाई-बहनों के बीच प्रेम का बंधन माना गया है। 7 अगस्त को राखी मनाई जाएगी। इस दिन बहनें भाईयों की कलाई पर राखी बांधेंगी। फ़िल्मों में राखी को लेकर काफी भावुक और लोकप्रिय गीत फ़िल्माए गए हैं। इन गीतों से रक्षाबंधन के पर्व की तैयारी और मनमोहक तथा सुहावनी हो जाती है। काव्य चर्चा में हम आपको रक्षाबंधन के सदाबहार गीतों से रूबरू करा रहे हैं।
ये राखी बंधन है ऐसा...
1972 में रिलीज़ हुई फ़िल्म बेईमान के इस गीत के बिना रक्षाबंधन का त्यौहार अधूरा सा लगता है। मुकेश की बेहतरीन आवाज़ में यह गीत हर दिल अज़ीज़ होगा। वर्मा मलिक के लिखे इस गीत के बोल भावुक रिश्ते को बख़ूबी बयां करते हैं। शंकर-जयकिशन ने इसमें संगीत दिया है। लता मंगेशकर ने भी इसमें अपनी आवाज़ दी है। फ़िल्म में मनोज कुमार और नजीमा पर यह गीत फ़िल्माया गया है। बहन और भाई के प्यार और बंधन की तुलना चंदा, बादल, धरती और आकाश से की गई है यानि दुनिया में जब तक ये चीज़ें मौजूद रहेंगी भाई और बहन का प्यार मौजूद रहेगा। गीत के बोल हैं,
ये राखी बंधन है ऐसा...
ये राखी बंधन है ऐसा...
जैसे चंदा और किरण का
जैसे बदरी और पवन का
जैसे धरती और गगन का
ये राखी बंधन है ऐसा...
दुनिया की जितनी बहनें हैं
उन सबकी श्रद्धा है इसमें
है धरम करम भैया का ये
बहना की रक्षा इसमें है
जैसे सुभद्रा और किशन का
जैसे बदरी और पवन का
जैसे धरती और गगन का
ये राखी बंधन...
आज खुशी के दिन भाई के
भर-भर आए नैना
कदर बहन की उनसे पूछो
जिनकी नहीं है बहना
मोल नहीं कोई इस बंधन का
जैसे बदरी और पवन का
जैसे धरती और गगन का
ये राखी बंधन है ऐसा...
यूट्यूब पर मौजूद इस गीत को आप सभी यहां सुन सकते हैं-
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