विश्व संगीत दिवस की शुरुआत फ़ांस से हुई थी और यह धीरे-धीरे पूरे विश्व में मशहूर हो गया। संगीत वही है जिसमें लय हो, इस तर्ज पर कविताएं भी संगीत से कम नहीं होतीं। उनमें लय है, शब्दों के आरोह-अवरोह हैं और गायन भी है। ऐसी ही कुछ चुनिंदा कविताएं जिन्हें पढ़ते वक़्त किसी संगीत की ही अनुभूति होती है।
महादेवी वर्मा
जो तुम आ जाते एक बार
कितनी करूणा कितने संदेश
पथ में बिछ जाते बन पराग
गाता प्राणों का तार तार
अनुराग भरा उन्माद राग
आँसू लेते वे पथ पखार
जो तुम आ जाते एक बार
हँस उठते पल में आर्द्र नयन
धुल जाता होठों से विषाद
छा जाता जीवन में बसंत
लुट जाता चिर संचित विराग
आँखें देतीं सर्वस्व वार
जो तुम आ जाते एक बार
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समर शेष है / रामधारी सिंह "दिनकर"
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