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आम बजट 2020 - लेकिन शायरों के लिए क्या है रूपया-पैसा

Top shayari on money shayari on budget
                
                                                         
                            

संसद में हर साल वित्त मंत्री द्वारा बजट पेश किया जाता है जिसका प्रभाव पूरे देश पर पड़ता है। बजट यानी आपके पास जितने संसाधन और धन हैं उनके अनुसार ही अपना विकास करना। देश के साथ-साथ लोग अपने पास मौजूद रूपये-पैसों का भी बजट बनाते हैं। इसी रुपये और पैसों पर शायरों का क्या कहना है जाने इन शायरी के साथ 


सिफ़ारिश का भरोसा भी नहीं है
मगर पैसा बराबर बोलता है
- नज़ीर मेरठी


मेहनत से पैसा मिलता है
जैसे को तैसा मिलता है
- ग़ुलाम मुर्तज़ा राही

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6 वर्ष पहले

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