रात आंखों में गुज़र जाती है
इन दिनों है ये हमारा सोना
- निज़ाम रामपुरी
इक अजब सी कैफ़ियत है इन दिनों
न ख़ुशी है और न कोई मलाल
- रुख़्सार नाज़िमाबादी
कहा चाहे है कुछ कहता है कुछ और
'हसन' ध्यान इन दिनों तेरा किधर है
- मीर हसन
इन दिनों उस के सामने दिल की
जी-हुज़ूरी ही जी-हुज़ूरी है
- ज़ीशान साहिल
आगे पढ़ें
कमेंट
कमेंट X