रमज़ान एक पवित्र महीना होता है, चाँद के दीदार के बाद ही इसकी शुरुआत होती है। इन दिनों एक महीने के रोज़े रखे जाते हैं और ईश्वर की इबादत की जाती है।
इसी का नाम लिए जाएँगे क़यामत तक
हमारे साथ रहेगी अज़ान भी हम भी
- नबील अहमद नबील
'शाहिद' से कह रहे हो कि रोज़े रखा करे
हर माह जिस का गुज़रा है रमज़ान की तरह
-सरफ़राज़ शाहिद
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