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Pulwama martyr: देश पर मिटने वालों के लिए शायरों के अल्फ़ाज़

martyr day shayari collection
                
                                                         
                            

ऐ वतन जब भी सर-ए-दश्त कोई फूल खिला
देख कर तेरे शहीदों की निशानी रोया
- जाफ़र ताहिर


न इंतिज़ार करो इन का ऐ अज़ा-दारो
शहीद जाते हैं जन्नत को घर नहीं आते
- साबिर ज़फ़र

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2 वर्ष पहले

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