एक सुराख़ सा कश्ती में हुआ चाहता है
सब असासा मिरा पानी में बहा चाहता है
- शकील आज़मी
काग़ज़ी कश्ती की आमद का इशारा मिल गया
डूबने वाले को तिनके का सहारा मिल गया
- नासिरा ज़ुबेरी
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