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'जंगल' पर शायरों के चुनिंदा अल्फ़ाज़

Jungle shayari collection
                
                                                         
                            

पहले भी इस जंगल से
एक बार मैं गुज़रा था
- मोहम्मद अल्वी


इस घर की वीरानी का
जंगल जैसा हुलिया है
- बिल्क़ीस ख़ान

सहरा जंगल सागर पर्बत
इन से ही रस्ता मिलता है
- ग़ुलाम मुर्तज़ा राही


ख़्वाहिश के चंगुल से आगे
हैरत के जंगल को देखा
- इमरान शमशाद

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6 वर्ष पहले

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