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जगन्नाथ आज़ाद: वह हिंदुस्तानी शायर जिसने पाक के लिए कौमी तराना लिखा

जगन्नाथ आज़ाद: वह हिंदुस्तानी शायर जिसने पाक के लिए कौमी तराना लिखा
                
                                                         
                            5 दिसंबर 1918 को ईसाखेल,पश्चिमी पंजाब में जन्मे उर्दू के मशहूर शायर जगन्नाथ आज़ाद, पंजाब यूनिवर्सिटी, लाहौर से फ़ारसी में एम.ए. किया। उर्दू के बड़े स्काॅलर थे। मुहम्मद अली ज़िन्ना ने उनसे पाकिस्तान का राष्ट्रगीत लिखने का अनुरोध किया था; आज़ाद ने लिखा भी और वह जिन्ना की मृत्युपर्यंत लगभग डेढ़ वर्ष तक पाकिस्तान का राष्ट्रगीत रहा। तत्पश्चात हफ़ीज़ जालंधरी का लिखा नया राष्ट्रगीत मान्य हुआ। विभाजन के बाद लाहौर छोड़ने को बाध्य हुए और दिल्ली आ गये। जगन्नाथ आज़ाद अपने अंतिम समय में भारत और पाकिस्तान के लिए शांति का एक गीत लिखना चाहते थे। पेश जगन्नाथ आज़ाद की ग़ज़लों से चुनिंदा शेर...
                                                                 
                            

तेरी हसीं फ़ज़ा में मिरे ऐ नए वतन 
ऐसा भी है कोई जिसे अपना बना सकूँ 

नींद क्या है ज़रा सी देर की मौत 
मौत क्या है तमाम उम्र की नींद  आगे पढ़ें

5 वर्ष पहले

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