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ये हैं 'महिला सशक्तिकरण' पर कहे गए बड़े शेर

International Womens day 2019 best shayari on women
                
                                                         
                            

समाज की पुरुष-प्रधान मान्यताओं को बीते कई दशकों से महिलाओं ने चुनौती देते हुए हर क्षेत्र में स्वयं को स्थापित किया है। कई उदाहरण ऐसे भी देखने को मिलते हैं जहाँ पुरुषों ने भी महिला विरोधी रूढ़ियों का विरोध किया और उनके समान अधिकारों की बात की। यहाँ कुछ ऐसे ही शेर मौजूद हैं जिनमें महिलाओं ने तो अपने हक़ों की आवाज़ उठाई ही है साथ ही पुरुषों ने भी उनके महत्व को समझाया है। 

शहर का तब्दील होना शाद रहना और उदास
रौनक़ें जितनी यहाँ हैं औरतों के दम से है
- मुनीर नियाज़ी

ख़ुद पे ये ज़ुल्म गवारा नहीं होगा हम से
हम तो शो'लों से न गुज़़रेंगे न सीता समझें
- बिलक़ीस ज़फ़ीरुल हसन

क़िस्सा-ए-आदम में एक और ही वहदत पैदा कर ली है
मैंने अपने अंदर अपनी औरत पैदा कर ली है
- फ़रहत एहसा

औरत हूँ मगर सूरत-ए-कोहसार खड़ी हूँ
इक सच के तहफ़्फ़ुज़ के लिए सब से लड़ी हूँ
- फ़रहत ज़ाहिद

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7 वर्ष पहले

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