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महिला दिवस विशेष: औरत को समझता था जो मर्दों का खिलौना, उस शख़्स को...

महिला दिवस विशेष:औरत को समझता था जो मर्दों का खिलौना, उस शख़्स को...
                
                                                         
                            पुरुष-प्रधान मान्यताओं को बीते कई दशकों से महिलाओं ने चुनौती देते हुए हर क्षेत्र में स्वयं को स्थापित किया है। कई उदाहरण ऐसे भी देखने को मिलते हैं जहाँ पुरुषों ने भी महिला विरोधी रूढ़ियों का विरोध किया और उनके समान अधिकारों की बात की। यहाँ कुछ ऐसे ही शेर मौजूद हैं जिनमें महिलाओं ने तो अपने हक़ों की आवाज़ उठाई ही है साथ ही पुरुषों ने भी उनके महत्व को समझाया है। 
                                                                 
                            

औरत को समझता था जो मर्दों का खिलौना 
उस शख़्स को दामाद भी वैसा ही मिला है 
- तनवीर सिप्रा

ये औरतों में तवाइफ़ तो ढूँड लेती हैं 
तवाइफ़ों में इन्हें औरतें नहीं मिलतीं 
- मीना नक़वी

औरत अपना आप बचाए तब भी मुजरिम होती है 
औरत अपना आप गँवाए तब भी मुजरिम होती है 
- नीलमा नाहीद दुर्रानी आगे पढ़ें

5 वर्ष पहले

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