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एक सलाम, सड़कछाप शायरी के नाम... 

सड़क में शायरी
                
                                                         
                            न जाने कब से  एक लवलेटर  उन शायर मिज़ाज ट्रक ड्राइवरों के नाम लिखना चाहता हूं जिनका मुझ पर पुराना कर्ज है। वे आटो वाले, जिन्होंने अपनी गाड़ियों के पिछवाड़े लिखे संदेशों से जिंदगी के सबक मुझे सिखाए…और वे टेम्पो ड्राइवर, जिन्होंने न जाने कितनी बार तपती दोपहरी में, मेरे उदास अकेले सफर को अचानक दिलचस्प और हसीन बना डाला…!
                                                                 
                            

उनका नाम मैं नहीं जानता। उनका शहर, गांव, पता … किसी चीज से वाकिफ नहीं। लेकिन उनकी गाड़ियां मैं पहचानता हूं।  उनकी गृहस्‍थी चलाने वाली उनकी प्यारी-प्यारी गाड़ियां जिन सड़कों पर दौड़ती हैं, वे भी मेरे जेहन में दर्ज हैं। आखिर सड़क ही तो वह स्टेज है, जिनमें मैं आए दिन उनके दिल से निकली क्रिएटिविटी के शानदार शो देखता हूं…।

सबसे पहले मैं 883 रूट पर चलने वाली ब्लू लाइन बस के उस कंडक्टर भाई को याद करूंगा जिसने कोई ग्‍यारह साल पहले अपनी बिंदास लाइनों से मुझे झकझोर कर रख दिया थाः

ऐ लड़की, मंझधार में आ, किनारों में क्या रक्‍खा है
प्यार है तो आगोश में आ, इशारों में क्या रक्‍खा है


मैं बस सोचता रह गया था…। ऐसा दो टूक, सपाट प्रेम निमंत्रण दुनिया में कितने प्रेमी अपनी प्रेयसी को देते होंगे…!

एक बात तो साफ है। ड्राइवरों-कंडक्टरों की दुनिया से अब  बेबसी के बादल छंट रहे हैं। वरना एक जमाना था जब बेचारे यही शिकवा करते नजर आते थेः

दिल के अरमां आंसुओं में बह गए..
वो उतरकर चल दिए, हम गियर बदलते रह गए..


लेकिन सभी ड्राइवर या क्लीनर आशिक मिज़ाज नहीं होते। कई सूफी भी होते हैं-

न कोई नजर बुरी होती है, न कोई मुंह काला होता है
सब कुछ करने वाला तो भाई ऊपर वाला होता है… 


(दरियादिली का यह टुकड़ा दरअसल ट्रकों की उस पुरानी और फूहड़ इबारत को जलील करने के लिए लिखा गया होगा जो कहती थी…बुरी नजर वाले, तेरा मुंह काला...। हालांकि बाद में कुछ बेहतर सौंदर्यबोध रखने वाले ड्राइवरों-मालिकों ने बुरी नजर वाले तेरा भी भला हो… जैसे जुमले भी ईजाद कर लिए थे, लेकिन फिर भी ऊपर वाला शेर तो उदारता में सबसे आगे बढ़ जाता है..)
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हरियाणा रोडवेज की बसों में लिखा एक वाक्य तो मुझे अक्सर शेक्सपीयर की एक महान कोटेशन की याद दिलाता है..

9 वर्ष पहले

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