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Hindi Diwas 2024: 'हिंदी' भाषा पर विभिन्न कवियों की कविताओं के अंश

'हिंदी' भाषा पर विभिन्न कवियों की कविताओं के अंश...
                
                                                         
                            करते हैं तन-मन से वंदन, जन-गण-मन की अभिलाषा का
                                                                 
                            
अभिनंदन अपनी संस्कृति का, आराधन अपनी भाषा का।

यह अपनी शक्ति सर्जना के माथे की है चंदन रोली
माँ के आँचल की छाया में हमने जो सीखी है बोली
यह अपनी बँधी हुई अंजुरी ये अपने गंधित शब्द सुमन
यह पूजन अपनी संस्कृति का यह अर्चन अपनी भाषा का।
- सोम ठाकुर आगे पढ़ें

एक वर्ष पहले

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