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हिंदी दिवस 2019: हिंदी काव्य में छंदों के विभिन्न प्रकार और उदाहरण

Hindi diwas 2019 types for poetry
                
                                                         
                            

काव्य मन के उद्गारों को लयबद्ध करने का एक साधन है। यह लयात्मकता किसी भी स्वरूप में आ सकती है। अत: काव्य को लिखने के विभिन्न प्रकार हुए। उनमें से एक प्रकार छंद भी है और छंदों को भी विभिन्न तरीकों के लिखा जाता है। आइए जानते हैं छंदों के प्रकार और उनके मुख्य उदाहरण 


दोहा
यह दो पंक्ति का होता है इसमें चार चरण माने जाते हैं।

उदाहरण
बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर
पंथी को छाया नहीं, फल लागैं अति दूर
- कबीरदास

एकै साधे सब सधै, सब साधे सब जाय
रहिमन मूलहिं सींचिबो, फूलै फलै अघाय
- रहीम 

चौपाई

चौपाई मात्रिक सम छंद है। इसके प्रत्येक चरण में 16-16 मात्राएँ होती हैं। 


बंदऊँ गुरु पद पदुम परागा
सुरुचि सुबास सरस अनुरागा
अमिअ मूरिमय चूरन चारू
समन सकल भव रुज परिवारू
- तुलसीदास (रामचरितमानस)


जेहि पर कृपा करहिं जनु जानी
कबि उर अजिर नचावहिं बानी
मोरि सुधारिहि सो सब भाँती
जासु कृपा नहिं कृपाँ अघाती
- तुलसीदास (रामचरितमानस)

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चौपाई

6 वर्ष पहले

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