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हसरत जयपुरी के चुनिंदा शेर

hasrat jaipuri selected shayari
                
                                                         
                            

जब प्यार नहीं है तो भुला क्यूं नहीं देते
ख़त किस लिए रक्खे हैं जला क्यूं नहीं देते


किस वास्ते लिक्खा है हथेली पे मिरा नाम
मैं हर्फ़-ए-ग़लत हूं तो मिटा क्यूं नहीं देते

ये कौन आ गई दिल-रुबा महकी महकी
फ़ज़ा महकी महकी हवा महकी महकी


वो आंखों में काजल वो बालों में गजरा
हथेली पे उस के हिना महकी महकी 

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5 वर्ष पहले

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