जब प्यार नहीं है तो भुला क्यूं नहीं देते
ख़त किस लिए रक्खे हैं जला क्यूं नहीं देते
किस वास्ते लिक्खा है हथेली पे मिरा नाम
मैं हर्फ़-ए-ग़लत हूं तो मिटा क्यूं नहीं देते
ये कौन आ गई दिल-रुबा महकी महकी
फ़ज़ा महकी महकी हवा महकी महकी
वो आंखों में काजल वो बालों में गजरा
हथेली पे उस के हिना महकी महकी
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