दर्द-ए-दिल पर 20 बेहतरीन शेर...

दर्द-ए-दिल पर 20 बेहतरीन शेर
                
                                                             
                            ज़िंदगी, ख़ुशी और ग़म से मिलकर बनी है । एहसासों की गहराईयां सिर्फ फैंटेसी नहीं रचा करतीं बल्कि मोहब्बत के ग़म और जीनव के उन तमाम हालातों को भी रचनात्मक लिबास में हमारे सामने पेश किया करती हैं, जो हम ज़िंदगी के सफ़र में ढेलते हैं। पेश है दर्द-ए-दिल पर 20 बेहतरीन शेर- 
                                                                     
                            

एक बेनाम उदासी से भरा बैठा हूं 
आज दिल खोल के रोने की ज़रूरत है मुझे। 
- अंजुम सलीमी

अब तो ख़ुशी का ग़म है न ग़म की ख़ुशी मुझे
बेहिस बना चुकी है बहुत ज़िंदगी मुझे। 
- शकील बदायुनी   आगे पढ़ें

2 years ago

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