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भोजपुरी कविता: जनकवि भोला- जान जाई त जाई

भोजपुरी कविता, जनकवि भोला- जान जाई त जाई
                
                                                         
                            जान जाई त जाई, ना छूटी कभी
                                                                 
                            
बा लड़ाई ई लामा, ना टूटी कभी

लड़ाई बड़ी है, कभी छूटेगी नहीं और ना ही कभी टूटेगी, चाहे जान भले ही चली जाए। 

रात-दिन ई करम हम त करबे करब
आई त आई, ना रुकी कभी

रात-दिन कर्म हम करते रहेंगे। 

बा दरद राग-रागिन के, गइबे करब
दुख आई त आई, ना झूठी कभी

दिल में अगर राग-रागिनी का दर्द है तो गाऊंगा ही। दु:ख आये तो आये। 

साथ साथी के हमरा ई जबसे मिलल
नेह के ई लहरिया, ना सूखी कभी

मुझे साथी का साथ और जो प्रेम मिला है, वो प्रेम की लहर कभी टूटेगी नहीं। 
7 वर्ष पहले

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