कितना आसान था बचपन में सुलाना हम को
नींद आ जाती थी परियों की कहानी सुन कर
-भारत भूषण पन्त
सबब ख़ामोशियों का मैं नहीं था
मिरे घर में सभी कम बोलते थे
-भारत भूषण पन्त
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