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चाहे सभी सुमन बिक जाएं... पर अपनी गंध नहीं बेचूंगा -बालकवि बैरागी

दल बदलू राजनीति
                
                                                         
                            बैरागी राजनीति एवं साहित्य दोनों से जुड़े रहे। मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री तथा लोकसभा के सदस्य भी रहे। इनकी कविताओं में साहित्य और राजनीति की झलक मिलती है। इनका जन्म मंदसौर जिले की मनासा तहसील के रामपुर गांव में 10 फ़रवरी 1931 को हुआ। गीत, दरद दीवानी, दो टूक, भावी रक्षक देश के, आओ बच्चों गाओ बच्चों इनकी रचनाएं हैं।
                                                                 
                            

चाहे सभी सुमन बिक जाएं
चाहे ये उपवन बिक जाएं
चाहे सौ फागुन बिक जाएं
पर मैं गंध नहीं बेचूंगा-अपनी गंध नहीं बेचूंगा...
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लक्ष्मण जैसी चौकी देकर जिन कांटों ने जान बचाई...

8 वर्ष पहले

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