आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

अमिताभ की नजर में जीवन के मूल सिद्धांतों को रोशन करती है मधुशाला 

अमिताभ पिता के साथ
                
                                                         
                            छायावाद के अप्रतिम कवि हरिवंशराय बच्‍चन ने अमर रचना मधुशाला का सृजन कर साहित्य जगत में हालावाद को एक नया नजरिया प्रदान किया है। उनके स्टार पुत्र अमिताभ बच्चन को मधुशाला खासतौर पर पसंद है। यूं तो अपने पिता की अजर-अमर कविताएं अमिताभ ने सार्वजनिक मंचों पर अक्सर गाई हैं लेकिन मधुशाला को अमिताभ जीवन का एक सकारात्मक साहित्य मानते हैं। वह कहते हैं कि जब कभी भी वह खुद को मुश्किल या हताशा में पाते हैं। तो मधुशाला की पंक्तियां गुनगुनाने लगते हैं। अमिताभ जोर देकर कहते हैं कि मेरा मानना है कि पूरी ‘मधुशाला’ सिर्फ मदिरा के बारे में नहीं, अपितु जीवन के बारे में भी महीन व्याख्या करती है।
                                                                 
                            

अमिताभ ने अपने जीवन में पिता हरिवंशराय बच्चन को हमेशा प्रेरणास्रोत माना है। उनकी कविताएं अमिताभ को संघर्ष के पथों पर सतत चलने के लिए प्रेरित करती रही हैं। अगर हरिवंश राय बच्‍चन की सबसे कृति के बारे में पूछा जाए तो उसमें अमिताभ बच्चन को भी शामिल किया जा सकता है। लेकिन अमिताभ स्वयं मधुशाला को उनकी सबसे बेहतर कृति मानते हैं। अमिताभ में पिता हरिवंशराय बच्चन की साहित्यिक उर्वरता और मां तेजी बच्चन का वैभवशाली ऐश्वर्य भलिभांति समाया हुआ है। अमिताभ के वाक्य और शब्द संयोजन में हरिवंशराय का कवित्व स्पष्ट झलकता है। 

अमिताभ पिता की रचनाओं से खासे प्रभावित हैं। 'मधुशाला' का पाठ तो वह उसी भाव से करते हैं जिस भाव से उनके पिता ने इस अमर कृति की रचना की थी। अमिताभ मधुशाला के उत्स मदिरा को कोई घातक चीज नहीं मानते हैं। वह उसे एक प्रतीक के रूप में लेते हैं। वह मधुशाला को एक जीवन और रात को उत्सव मानते हैं। अमिताभ कहते हैं कि जीवन के मूल सिद्धांतों पर मधुशाला के माध्यम से रोशनी डाली गई है कि किस तरह आप एक राह पकड़कर अपनी मंजिल हासिल कर सकते हैं।

'मदिरालय जाने को घर से चलता है पीने वाला
किस पथ से जाऊं असमंजस मे है वो भोलाभाला
अलग-अलग पथ बतलाते सब पर मैं ये बतलाता हूं
राह पकड़ तू एक चला चल पा जाएगा मधुशाला'

अमिताभ कहते हैं कि जीवन में मन में एक मति का होना बहुत आवश्यक है। दृढ़ संकल्प के साथ मन लक्ष्य के प्रति समर्पित हो तो जीवन को रोशन होने से कोई नहीं रोक सकता। इससे जीवन में सतत संघर्ष के लिए असीम ऊर्जा का संचार होता है। मधुशाला के साथ अमिताभ को अपने पिता की हर पुस्तक या यूं कहें कि हर कविता में एक गहरी दृष्टि मिलती है। एक अलग नजरिया मिलता है। उनकी कविताओं में जीवन से जुड़ी मुश्किलों का हल देखने को मिलता है। अमिताभ कहते हैं कि मैं आज भी जब मुश्किल या हताशा में होता हूं तो पिता की पुस्तकें ही मेरी प्रेरणास्रोत होती हैं। वह मुझे असीम ताकत और हौंसला देती हैं।  

ऑन लाइन मीडिया के अनुसार अमिताभ कहते हैं कि आज भी पिता की कविताओं से आगे बढ़ने की शक्ति मिलती है। उम्मीद और सकारात्मक सोच का ऐसा उदाहरण और कहां मिलेगा, जिसमें कहा गया हो-

'है अंधेरी रात पर दीया जलाना कब मना है'

अमिताभ कहते हैं कि पिता को समझने के लिए उनका साहित्य पढ़ना जरूरी है। मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुकात रखने वाले मेरे पिता ने अपना सर्वस्व जीवन पढ़ाई-लिखाई में बिताया। तंगहाली में भी किताब से उनका जीवन अलग नहीं हुआ। सख्त अनुशासन और पूरी तत्परता से, लगन से लक्ष्य की पूर्ति करना उनका मुख्य ध्येय रहा है। अमिताभ कहते हैं कि उनके व्यक्तित्व का असर सिर्फ मुझ पर ही नहीं पड़ा बल्कि मेरे पूरे परिवार में उनके संस्कारों की मोहक छवि का असर हुआ।   

अमिताभ कहते हैं कि मैंने हमेशा अपने पिता को एक बेहद क्षमतावान, प्रतिबद्ध और ज्ञान से परिपूर्ण शख्सियत के रूप में देखा। संतोष भाव के साथ संघर्ष के लिए हर पल तैयार रहना जैसे उनकी प्रमुख खासियत रही। आरंभ से ही उनके व्यक्तित्व का मुख्य गुण रहा कि जब भी वह कोई काम हाथ में लेते तो अपनी पूरी लगन के साथ उसे निडर होकर पूरा करते हैं। संतोष के साथ संघर्ष की ललक उनके अंदर निडरता का संचार की, यह उनके लेखन में भी देखने को मिलता है और यही कारण है कि उन्होंने साहित्य में एक नई धारा का प्रवर्तन किया। वही हालावाद हिंदी साहित्य को उनकी देन है।  

ऑन लाइन मीडिया के अनुसार बकौल अमिताभ मुझे पिता की कविताओं में मुख्य रूप से आशावाद दिखता है। उनकी यह कविता मृत्यु पर जीवन की विजय का संदेश हमेशा देती रहेगी।

'जो बीत गई सो बात कई
जीवन में एक सितारा था
माना वो बेहद प्यारा था
वो छूट गया तो छूट गया'

 
8 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर