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माए नी माए मैं इक शिकरा यार बणाया - शिव कुमार बटालवी

शिव कुमार बटालवी
                
                                                         
                            

माये नी माये
मैं इक शिकरा यार बनाया
ओदे सिर ते कलगी
ओदे पैरीं झांजर
ते ओ चोग चुगेंदा आया

(शिकरा एक पक्षी का नाम है जो मांस खाता है, उसका उदाहरण लेकर शिव कहते हैं कि उनकी प्रेमिका उस शिकरा पक्षी की तरह थी। जिसके सिर पर कलगी है और पैरों में पायल है। वह पक्षी दाना चुगते हुए आ गया था)

इक ओदे रूप दी धुप तिखेरी
दुजा महकां दा तिरहाया
तीजा ओदा रंग गुलाबी
किसे गोरी मां दा जाया

(एक तो उसका रूप बहुत सुंदर है। दूसरा किसी इत्र के समान महकता है और तीसरा उसका गुलाबी रंग है। इसे देखकर लगता है कि उसका मां भी गोरे रंग वाली होगी)

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7 वर्ष पहले

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