सावन-रुत और उड़ती पुर्वा तेरे नाम
धूप-नगर से है ये तोहफ़ा तेरे नाम
सुर्ख़ गुलाब के सारे मौसम तेरे लिए
ख़्वाबों का हर एक दरीचा तेरे नाम
चाँद की आँखें फूल की ख़ुश्बू बहती रात
क़ुर्बत का हर एक वसीला तेरे नाम
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