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रबीन्द्रनाथ ठाकुर की दो बेहतरीन रचनाएं...

Ravindrnath Thakur famous hindi poems
                
                                                         
                            वे तुम्हें 
                                                                 
                            
संपदा का समुद्र कहते हैं
कि तुम्हारी अंधेरी गहराइयों में 
मोतियों और रत्नों का खजाना है, अंतहीन।

बहुत से समुद्री गोताखोर
वह खजाना ढूंढ रहे हैं
पर उनकी खोजबीन में मेरी रूचि नहीं है

तुम्हारी सतह पर कांपती रोशनी
तुम्हारे हृदय में कांपते रहस्य
तुम्हारी लहरों का पागल बनाता संगीत
तुम्हारी नृत्य करती फेनराशि
ये सब काफी हैं मेरे लिए

अगर कभी इस सबसे मैं थक गया
तो मैं तुम्हारे अथाह अंतस्थल में
समा जाउंगा
वहां जहां मृत्यु होगी
या होगा वह खजाना।

अंग्रेजी से अनुवाद - कुमार मुकुल
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7 वर्ष पहले

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