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माँ पर शेर कहें और मुनव्वर राना न याद आएं…

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मुनव्वर राना के 'माँ' के लिए कहे गए शेर


ज़रा सी बात है लेकिन हवा को कौन समझाये,
दिये से मेरी माँ मेरे लिए काजल बनाती है


छू नहीें सकती मौत भी आसानी से इसको
यह बच्चा अभी माँ की दुआ ओढ़े हुए है

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7 वर्ष पहले

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