न ख़ुशी अच्छी है ऐ दिल न मलाल अच्छा है
यार जिस हाल में रक्खे वही हाल अच्छा है
~जलील मानिकपूरी
अब तो ख़ुशी का ग़म है न ग़म की ख़ुशी मुझे
बे-हिस बना चुकी है बहुत ज़िंदगी मुझे
~शकील बदायुनी
मैं कहकशाओं में ख़ुशियाँ तलाशने निकला
मिरे सितारे मेरा चाँद सब उदास रहे
~सिराज फ़ैसल ख़ान
ढूँड लाया हूँ ख़ुशी की छाँव जिस के वास्ते
एक ग़म से भी उसे दो-चार करना है मुझे
~ग़ुलाम हुसैन साजिद
आगे पढ़ें
कमेंट
कमेंट X