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पुलिसमैन मेरे बैर परे है, झूठयौ ही नाम लगायौ...

doctor Barasane Lal Chaturvedi hasya kavita on black money
                
                                                         
                            मैया, मैं नहिं 'ब्लैक' कमायौ 
                                                                 
                            

पुलिसमैन मेरे बैर परे है, झूठयौ ही नाम लगायौ 
सावन में मैं तीर्थ गयौ हौं, कातिक में घर आयौ 

इन्हें कहा मालूम अरे मोहि धरती में धन पायौ 
याही ते ये कोठी लीनी औ' ये भवन बनायौ 

भैया की फिरि दीनि जमानत और वाहि छुड़वाया 
आगे कूं समझाय तात कूं पुनि वाने कण्ठ लगायौ 

(डॉ. बरसाने लाल चतुर्वेदी की हास्य कविता) 

साभार- कविता कोश
9 वर्ष पहले

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