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मन मैला, तन ऊजरा, भाषण लच्छेदार: काका हाथरसी 

मन मैला, तन ऊजरा, भाषण लच्छेदार: काका हाथरसी
                
                                                         
                            मन मैला, तन ऊजरा, भाषण लच्छेदार
                                                                 
                            
ऊपर सत्याचार है, भीतर भ्रष्टाचार।
झूठों के घर पंडित बांचें, कथा सत्य भगवान की,
जय बोलो बेईमान की!

प्रजातंत्र के पेड़ पर, कौआ करें किलोल
टेप-रिकाॅर्डर में भरे, चमगादड़ के बोल। 
नित्य नई योजना बन रहीं, जन-जन के कल्याण की
जय बोल बेईमान की! आगे पढ़ें

7 वर्ष पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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