हाय, न बूढ़ा मुझे कहो तुम!
शब्दकोश में प्रिये, और भी
बहुत गालियां मिल जाएंगी
जो चाहे सो कहो, मगर तुम
मेरी उमर की डोर गहो तुम!
हाय, न बूढ़ा मुझे कहो तुम!
क्या कहती हो-दांत झड़ रहे?
अच्छा है, वेदान्त आएगा।
दाँत बनाने वालों का भी
अरी भला कुछ हो जाएगा।
बालों पर आ रही सफेदी,
टोको मत, इसको आने दो।
मेरे सिर की इस कालिख को
शुभे, स्वयं ही मिट जाने दो।
जब तक पूरी तरह चांदनी
नहीं चांद पर लहराएगी,
तब तक तन के ताजमहल पर
गोरी नहीं ललच पाएगी।
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बालों पर आ रही सफेदी
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