युवा रचनाशीलता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रामदरश मिश्र न्यास द्वारा स्थापित प्रथम ‘रामदरश शताब्दी सृजन सम्मान’ से हिंदी के युवा कवि राजकुमार श्रेष्ठ को पुरस्कृत किए जाने का निर्णय लिया गया है। रामदरश मिश्र न्यास की सचिव प्रो. स्मिता मिश्र ने बताया- राजकुमार श्रेष्ठ को यह पुरस्कार 2023 में प्रकाशित उनके कविता संग्रह ‘ऐसे भी देखिए’ के लिए दिया जा रहा है। उन्हें यह पुरस्कार आगामी 15 अगस्त, 2024 को गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, द्वारका, नई दिल्ली के सेमिनार हाल में प्रातः 10:30 से आयोजित रामदरश मिश्र शताब्दी समारोह में उपस्थित अतिथियों के साथ स्वयं प्रो. रामदरश मिश्र द्वारा प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार में प्रतीक चिह्न, अंग वस्त्र, प्रशस्ति पत्र और इक्कीस हजार रुपए की राशि शामिल है। पुरस्कार निर्णायक समिति में सर्व अशोक चक्रधर, ममता कालिया, सुरेश ऋतुपर्ण, वेद प्रकाश अमिताभ, ओम निश्चल, वेदमित्र शुक्ल और स्मिता मिश्र (संयोजक) शामिल हैं। पुरस्कृत संग्रह का प्रकाशन बोधि प्रकाशन, जयपुर ने किया है।
इस अवसर पर न्यास की सचिव प्रो. स्मिता मिश्र द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि "राजकुमार श्रेष्ठ की कविताएं सीमित बिंबों से व्यापक परिदृश्य दिखाने वाली और जीवन-सत्यों से जुड़ी, शब्दों का समाहार करती हुई कविताएँ हैं, जिनके केंद्र में मनुष्य की अस्मिता है। वे बार-बार अपनी कविताओं में मनुष्यता के मर्म को छूने वाले यथार्थ से टकराते हैं और अपूर्व शब्द संयम का परिचय देते हुए कविता को एक चिंतनपूर्ण इकाई में बदल देते हैं। ये कविताएं मनुष्यता के लिए उपहार की तरह हैं।"
नई दिल्ली में 22 अगस्त 1987 को जन्मे राजकुमार श्रेष्ठ कवि संपादक, अनुवादक और हिंदी भाषा व साहित्य के प्रसारक हैं। विभिन्न राष्ट्रीय पत्र पत्रिकाओं में उनकी रचनाओं और शोध-पत्रों का प्रकाशन होता रहा है। नेपाली भाषा में भी उनकी पर्याप्त रचनात्मक गति है। वे संप्रति हिंदुस्तानी भाषा भारती पत्रिका के संयुक्त संपादक हैं तथा हिंदुस्तानी भाषा अकादमी से जुड़कर हिंदी को राष्ट्रीय क्षितिज पर प्रतिष्ठित करने के उद्देश्य से कार्यरत हैं। कविता राजकुमार श्रेष्ठ के लिए एक जीवित जागृत समाज की संरचना के लिए एक जरूरी पहल की तरह है जिसका निर्वाह वे बहुत सलीके से और लंबे समय से कर रहे हैं।
2 वर्ष पहले
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