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कवि-गीतकार शिवकुमार अर्चन का हुआ निधन

Poet lyricist Shivkumar Archana passed away
                
                                                         
                            हिंदी नवगीत के रचनाकार शिवकुमार अर्चन का 5 जुलाई को भोपाल में निधन हो गया। उनके निधन की खबर लगते ही रचनाकारों में शोक की लहर दौड़ गई है। रचनाकार अर्चन के निधन की जानकारी प्रो. विजय अग्रवाल कार्यकारी अध्यक्ष मध्य प्रदेश हिंदी साहित्य सम्मेलन भोपाल ने देते हुए बताया कि शिवकुमार अर्चन कुछ समय से बीमार थें और भोपाल में ही रह रहे थें, जहां उन्होने अंतिम सांसे ली है। उनके निधन से हिंदी काव्य जगत की जो क्षति हुई है उसकी भरपाई वर्षों तक नहीं की जा सकती।
                                                                 
                            

कई दशकों तक साहित्य के क्षितिज पर अपनी काव्य कला का जादू बिखेरने वाले अर्चन जी ने रीवा से अपनी काव्य यात्रा की शुरुआत की थी। वे अपनी रचना शैली के माध्यम से चर्चित रहे। यही वजह है कि उनके निधन से रचनाकारों को गहरा आघात लगा है।

रचनाकार शिवकुमार अर्चन जी के बारे में बताया जाता है कि समसामयिक समस्याओं पर उनके पैने बिम्ब हुआ करते थें। वे गीत के माध्यम से सामाजिक व्यवस्था पर गहरा आघात करते थे। उनका स्वर, रचना पाठ वर्षों तक गूंजेगा। देश की बात या फिर अन्य सामाजिक मूल्यो की अर्चन जी हमेशा अपने काव्य गीतों के माध्यम से ऐसे मुद्दों को बेबाकी के साथ रखने में कतई संकोच नहीं करते थे।
4 वर्ष पहले

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