अमर उजाला काव्य का कार्यक्रम काव्य कैफ़े प्रतिदिन शाम 5 बजे आपको साहित्य और कला की हस्तियों से रूबरू करवा रहा है। क्यूंकि जिस परिस्थिति से इस समय समूचा विश्व गुज़र रहा है, ऐसे में कला और संगीत ही है जो हमें जीवंत रखे हुए है। इसी जीवटता को प्रोत्साहन देने के लिए आपके बीच सोमवार शाम 6 बजे होंगे प्रसिद्ध गीतकार संदीप नाथ।
संदीप नाथ बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। वह गायक भी हैं, धुन भी रचते हैं और उन्हीं धुनों पर गीत भी लिख देते हैं। पेज थ्री, सरकार, कॉरपोरेट, सांवरिया, सरकार राज, फैशन, जेल, पान सिंह तोमर, साहेब बीवी और गैंग्सटर, बुलेट राजा, आशिकी 2 और कितनी ही हिट फ़िल्मों के गीत उन्होंने लिखे हैं। इसके अलावा उनके कविता संग्रह भी पाठकों के बीच आ चुके हैं।
संदीप नाथ का जन्म उत्तर प्रदेश के एक बंगाली परिवार में हुआ। 12 साल की उम्र में ही उन्होंने कविता लिखना शुरू कर दिया। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता शुरू कर दी और उनके लिखे आर्टिकल कई पत्रिकाओं व अखबारों में छपे। इसके बाद वह मुंबई चले गए, वहां जिंगल लिखने से शुरूआत की और आज मशहूर गीतकारों की फ़ेहरिस्त में शामिल हैं। सुन रहा है न तू, कितने अजीब रिश्ते हैं यहां पे, यूं शबनमी पहले नहीं थी चांदनी जैसे उनके लिखे कितने गाने लोगों के पसंदीदा हैं।
काव्य कैफ़े में उनसे चर्चा होगी गीतों पर और उनसे जुड़े किस्सों पर। ज़रूर देखिएगा।
6 वर्ष पहले
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