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चौकीदारी करने वाले कवि को मिला साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार

Guard Umesh paswan gets yuva sahitya academy award
                
                                                         
                            

नवटोली गांव के चौकीदार उमेश पासवान को उनके काव्य संग्रह ‘वर्णित रस’ के लिए मैथिली भाषा में साल 2018 का साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार मिला है। उमेश पासवान बिहार के मधुबनी जिले के लौकही थाने में बीते 9 साल से चौकीदारी कर रहे हैं, उनका कहना है कि, “हम गांव के माहौल में जो देखते हैं, वह लिख देेते हैं”। पुरस्कार मिलने की बात पर वह कहते हैं कि, “पुरस्कार मिला इसकी खुशी है, लेकिन मैं आत्म-संतुष्टि के लिए लिखता हूं”

उमेश के गांव के लोग कविता या साहित्य को नहीं समझते, उमेश ने कहा कि, “साहि्त्य अकादमी यहां कोई नहीं समझता, हम मधुबनी, दिल्ली, पटना सब जगह अपनी कविता सुनाते हैं लेकिन गांव में कोई नहीं सुनता। तब हमने कांतिपुर एफएम और दूसरे रेडियो स्टेशनों पर कवित भेजनी शुरू की ताकि कम से कम वहां के श्रोता मेरा कविता सुन सकें”

उमेश को इस पुरस्कार के साथ 50,000 रुपए की राशि पुरस्कार स्वरूप दी जाएगी और उमेश ने उसे शहीद सैनिकों के बच्चों की मदद के लिए सरकारी कोष में जमा कराने का निर्णय लिया है।
विज्ञान से स्नातक उमेश अपने गांव में एक नि:शु्ल्क शिक्षा केन्द्र भी चलाते हैं।
8 वर्ष पहले

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