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पाठकों के प्रेम से सराबोर अमर उजाला डिजिटल के साहित्यिक उपक्रम ‘काव्य’ के सात साल पूरे

हलचल
                
                                                         
                            अमर उजाला डिजिटल के साहित्यिक उपक्रम ‘काव्य’ ने अपनी यात्रा के सात साल पूरे कर लिए हैं। इस सफर के दौरान 'काव्य' को लगातार पाठकों का प्रेम मिला। कविता और साहित्य को पसंद करने वाले तो साथ जुड़े ही, लिखने वालों ने भी अपना साथ बनाए रखा।
                                                                 
                            

2 जुलाई 2017 को आगरा में हुए काव्य-महाकुंभ के साथ यह यात्रा शुरू हुई। गोपाल दास नीरज, हरि ओम पवार, संतोष आनंद, राहत इंदौरी जैसे 30 दिग्गज कवि और शायर इस मौके पर मौजूद थे।  सूर सदन में हुए एक भव्य उत्सव में देश के बड़े कवियों और शायरों की गरिमामय मौजूदगी में इस साइट को लॉन्च किया गया। उर्दू और हिंदी के अलावा विश्व की कई भाषाओं के कवियों व लेखकों की हिंदी में अनूदित रचनाओं को भी इसमें जगह दी गयी है।

लगभग चार लाख से अधिक कवियों की रचनाओं को ‘मेरे अल्फाज’ श्रेणी के अंतर्गत प्रकाशित किया जा चुका है। तमाम कोनों में से ‘मेरे अल्फाज’ एक ऐसा कोना है जो विशेष तौर पर नए व उभरते कवियों व पाठकों के लिए हैं, जहां वे अपनी कविताएं प्रकाशित करते हैं और लाखों की संख्या में लोग उन्हें पढ़ते और प्रतिक्रिया देते हैं।  आगे पढ़ें

2 वर्ष पहले

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