भारतीय संस्कृति में राम को मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है। राम कथा को कई लेखकों ने अपने-अपने तरीके से लिखने का प्रयास किया है। गोस्वामी तुलसीदास के बाद भी राम कथा को विभिन्न रूपों में अनुभव किया जाता रहा। यह सिलसिला आज भी जारी है। किताब 'मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम' में डॉ. विनय ने राम कथा को उपन्यास के स्वरूप में प्रस्तुत किया है। लेखक ने संक्षेप में राम कथा और उससे जुड़े अन्य प्रसंगों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया है। इसमें राम जन्म से लेकर स्वर्ग गमन तक की कथा है।
किताब- मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम
लेखक- डॉ विनय
प्रकाशक- डायमंड बुक्स, नई दिल्ली
मूल्य- 150 रुपये
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