आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

हथेलियों में चांदनी - प्रेम के पाठ से आगे भी है दुनिया

hatheliyon mein chandani book review in hindi
                
                                                         
                            

हिंदी के चर्चित और महत्वपूर्ण कवि नवल की पंक्तियां हैं- ‘जब लिखने के लिए लिखी जाती है कविता, तो वह कविता नहीं, कविता का स्वांग-भर होती है।’ यह सत्य है कि कविता सायास नहीं लिखी जा सकती, कविता तो उतरती है विचारों के आकाश से मन की धरा पर और लिपट-चिपट जाती है कोरे कागज से, जैसे मिलती है कोई मां अपनी संतान से एक अंतराल के बाद। संभवतः इसीलिए कविता लिखना दिनचर्या के किसी अनिवार्य कार्य से निवृत्त होने का नाम नहीं है।

विशाखा तिवारी की सद्यः प्रकाशित काव्य-कृति ‘हथेलियों में चांदनी’ की 46 कविताओं से गुजरते हुए यह स्पष्ट हो जाता है कि ये कविताएं स्फूर्त रूप से सृजित हैं, उत्पादित नहीं हैं। संग्रह की कविताएं जहां एक ओर अलग-अलग सामाजिक विषयों को सशक्त रूप से उठाती हैं, वहीं दूसरी ओर प्रेम की मिठास को अपनी ही तरह से अभिव्यक्त करती हैं। कविताओं में शब्द, अर्थ में घुल जाते हैं और अर्थ, शब्दों की दिव्यदेह धारण कर अनुभूति को चरमोत्कर्ष तक पहुंचाते हैं।
आगे पढ़ें

6 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर