आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

अब्र क्या चीज है? हवा क्या है? - उपन्यास से कहीं आगे

abra kya cheez hai hawa kya hai book review in hindi
                
                                                         
                            
कृष्ण बलदेव का लेखन, विशेष रूप से कथा लेखन, मानव जीवन की असामान्य स्थितियों को बेबाकी से चित्रण करने वाला लेखन है। यह डायरी उसी को बताती है।
रजा फाउंडेशन पुस्तकमाला के अंतर्गत 'अब्र क्या चीज है? हवा क्या है?' नामक प्रकाशित कृति हिंदी के अपनी तरह के विरल कथाकार कृष्ण बलदेव वैद की जनवरी, 2002 से दिसंबर 2005 तक की डायरी है। कृष्ण बलदेव का लेखन, विशेष रूप से कथा लेखन, मानव जीवन की असामान्य स्थितियों को बेबाकी से चित्रण करने वाला लेखन है। स्त्री-पुरुष के बीच संबंध का वर्णन साहस का परिचायक तो है ही, उनकी विशिष्ट दृष्टि की ओर भी संकेत करता है। वैद का काफी समय विदेश में बीता है, पर उनकी भाषा की रंगत में भारतीय देशजता पूरी तरह समाई है।

साहित्य में विभिन्न कथेतर विधाओं का आगमन बहुत रचनात्मक रहा है तथा ये विधाएं धीरे-धीरे केंद्रीय उपस्थिति बनती जा रही हैं। डायरी ऐसी विधा है, जो लेखक के रचनानुभवों को बड़ी सूक्ष्मता से पकड़ती है तथा उसकी रचना प्रक्रिया की तहों को खोलती है। कृष्णबलदेव वैद की कथा-कृति भले पाठक को पूर्ण आश्वस्त न करती हो, पर उनकी डायरी उनके निर्मम आत्मालोचन, व्यक्तियों और घटनाओं पर सूक्ष्म प्रतिक्रियाओं, अनेक हिंदी तथा विदेशी लेखकों की रचनाओं के आस्वादन तथा उनकी रचना प्रक्रिया को समझने में हमारी बहुत मदद करती है।   
आगे पढ़ें

7 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर