ममता कालिया, विख्यात कथाकार
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
अमर उजाला शब्द सम्मान के सर्वोच्च अलंकरण 'आकाशदीप' से विख्यात कथाकार ममता कालिया और मणिपुर की विख्यात रचनाकार अरमबम ओंगबी मेमचौबी को सम्मानित किया गया। ममता कालिया को हिंदी रचना जीवन की बेचैनी के लिए और अरमबम ओंगची मेमचौबी को मणिपुरी साहित्य धारा के विरुद्ध के लिए यह सम्मान मिला है। इसके अलावा कविता वर्ग में सविता सिंह के संग्रह ‘वासना एक नदी का नाम है’,नाइश हसन की कृति ‘मुताह’ और कथा वर्ग में शहादत के कथा संग्रह ‘कर्फ्यू की रात’ को श्रेष्ठ कृति सम्मान दिया गया।
विख्यात कथाकार ममता कालिया
भाषा और साहित्य के रूप में अंग्रेजी ने मेरे लिए साहित्य के प्रति जुनून के जादुई द्वार खोल दिए। दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में एमए की छात्रा थी, वहां पुस्तकालय और गुणवत्तापूर्ण पुस्तकों की उपलब्धता ने जीवन और साहित्य के प्रति मेरी सोच को बदल दिया। मुझे ऊंची उड़ान भरने के लिए नए पंख मिले। मैं पहले से ही हिंदी और अंग्रेजी में कविताएं लिखती थी, लेकिन बाद में कथा में दिलचस्पी बढ़ गई। मैंने 38 वर्ष अध्यापन और प्रशासन में बिताए।
कमेंट
कमेंट X