एक तरफ प्रधानमंत्री की कुर्सी, दूसरी तरफ गठबंधन की मजबूरी और बीच में सत्ता में बने रहने की सियासत! इजरायल में चुनावी समीकरणों को लेकर एक ऐसी चर्चा शुरू हुई है, जिसकी तुलना भारत की राजनीति से भी की जा रही है। सवाल है कि क्या बेंजामिन नेतन्याहू अपने प्रतिद्वंद्वी गादी आइजेनकोट के साथ मिलकर सरकार बनाने की कोशिश करेंगे? और अगर ऐसा होता है, तो क्या प्रधानमंत्री पद को लेकर रोटेशन का फॉर्मूला भी सामने आ सकता है? सबसे बड़ा सवाल ये कि क्या इस संभावित समझौते का अंजाम भी बिहार की सियासत जैसा हो सकता है?