ग्रीष्म अवकाश में भी छात्र-छात्राएं मौज मस्ती नहीं कर सकेंगे। शिक्षा विभाग राजकीय विद्यालयों में एक सप्ताह तक समर कैंप लगाने जा रहा है। इस दौरान विभिन्न भाषाओं और बोली के माध्यम से क्रियाकलाप कराए जाएंगे। मंगलवार को जिला शिक्षाधिकारी बेसिक ने जिले भर के अधिनस्थों के साथ ऑनलाइन बैठक की। इसमें उन्होंने कहा कि 29 मई से दो जून तक स्कूलों में भारतीय भाषा समर कैंप लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश की आंचलिक भाषाओं-बोलियों गढवाली, कुमाऊंनी, जौनसारी, रवांल्टी, जाड़, कौरवी, भोटिया आदि पर क्रियाकलाप करने को कहा है। इसका उद्देश्य छात्र-छात्राओं को अपनी पसंद की भाषा एक अन्य भारतीय भाषा-बोली सीखने के लिए प्रोत्साहित करना है। साथ ही बहुभाषिता को बढ़ावा, भाषाई और सांस्कृतिक एकता का अनुभव कराने में मदद करना, आपसी संवाद कर सम्मान, सांस्कृतिक प्रशंसा व राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है। बीईओ धीरेंद्र कुमार साहू ने बताया कि कक्षा 6-10 तक 13 हाईस्कूल-इंटरमीडिएट विद्यालय और न्याय पंचायत स्तर के चार विद्यालयों में समर कैंप कराया जाएगा। भाषाई शिक्षा के चार आयाम बोलना, सीखना, लिखना, पढ़ना है। चारों आयामों के माध्यम से कहानी,खेल, नाटक, गीत, एकांकी, लोक कथा, लोक नृत्य, लोक गीत, लोकोक्तियां, स्थानीय कला-संगीत आदि पर कार्यक्रम कराए जाएंगे। पहले दिन रोल प्ले, फ्लैश कार्ड, विभिन्न प्रेरक एवं देशभक्ति नारे का अनुवाद करना है। ऐसे ही सात दिन अलग-अलग कार्यक्रम होंगे।