चोपता। तल्ला नागपुर क्षेत्र की लंबे समय से लंबित चार सूत्रीय मांगों को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ रहा है। क्षेत्र के विकास को लेकर शासन-प्रशासन के ढुलमुल रवैये से नाराज ग्रामीणों को मनाने रविवार को पहुंची केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल की अपील भी बेअसर साबित हुई। जनप्रतिनिधियों ने साफ शब्दों में कह दिया है कि तल्ला नागपुर को अब तक केवल झूठे वायदों से छला गया है, इसलिए जब तक धरातल पर काम शुरू नहीं होता, तब तक 22 जुलाई से प्रस्तावित क्षेत्रीय आंदोलन को किसी भी हाल में स्थगित नहीं किया जाएगा। दरअसल, क्षेत्र में पॉलिटेक्निक भवन के निर्माण, पेयजल व पार्किंग निर्माण की मांग को लेकर गत माह स्थानीय लोगों की बैठक हुई थी। जिसमें प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया गया था। इसी सिलसिले में केदारनाथ विधायक ने चोपता में स्थानीय जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों के साथ वार्ता की. इस दौरान अधिकारियों के ढुलमुल रवैये पर भारी गहमागहमी भी हुई। माहौल बिगड़ता देख विधायक ने जनता से शासन स्तर पर पैरवी के लिए एक महीने का वक्त मांगा और अधिकारियों को इस अवधि में हर हाल में कार्य शुरू करने के कड़े निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने जनता से 22 जुलाई से प्रस्तावित आंदोलन को टालने की अपील की। वहीं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने आंदोलन स्थगित न करने पर जोर दिया। जिला पंचायत सदस्य सम्पन्न नेगी ने कहा कि क्षेत्र की जनता अब किसी खोखले आश्वासन के झांसे में नहीं आने वाली। इस अवसर पर प्रधान दलेब सिंह सजवाण, साधना देवी, उत्तम रावत, सामाजिक कार्यकर्त्ता लक्ष्मण बर्त्वाल, गजेंद्र सिंह करासी, चन्दन लाल शाह, अवतार सिंह रावत, लक्ष्मण राणा, राकेश चन्द्र, योगम्बर कुनियाल, भाजपा मण्डल अध्यक्ष अर्जुन सिंह नेगी सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी व ग्रामीण उपस्थित रहे।