छह साल पहले वर्ष 2020 में करोड़ों की लागत से नए प्लेटफार्म के निर्माण किया गया। सर्कुलेटिंग एरिया में हुए विकास कार्यों ने रेलवे स्टेशन की सूरत बदल दी। लेकिन यहां से नियमित संचालित होने वाली कई ट्रेनों का संचालन बंद होने से अब यहां सन्नाटा पसरा रहता है। ट्रेनों का परिचालन तेज करने के लिए लक्सर में बनाए गए नए प्लेटफार्म से इक्का-दुक्का ही ट्रेनें गुजरती हैं। तब 24 घंटे गुलजार रहने वाले लक्सर रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली पैसेंजर ट्रेनों का संचालन बंद होने और महत्वपूर्ण ट्रेनों के बाईपास मार्ग से संचालित होने से अब यहां शाम ढलने के बाद प्लेटफार्म सूने नजर आने लगते हैं। लक्सर रेलवे स्टेशन से पूर्व में 54 जोड़ी से अधिक नियमित ट्रेनों का ठहराव होता था।