पिथौरागढ़ में विद्यालय का उच्चीकरण कर इंटरमीडिएट की कक्षाएं शुरू करने की मांग करते हुए जारी जिबली के ग्रामीण जिला मुख्यालय में आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। 120 किलोमीटर दूर से जिला मुख्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने आमरण अनशन के दूसरे दिन मंगलवार को शासन-प्रशासन की उदासीनता के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। कहा कि जब तक उनके बच्चों की समस्या हल नहीं होती आमरण अनशन जारी रहेगा। तहसील बंगापानी और विकासखंड धारचूला के अन्तर्गत आने वाली ग्राम पंचायत जाराजिबली के लोग तीन साल से पीएम श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जाराजिबली में इंटर की कक्षाएं शुरू करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के बच्चे 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के लिए 15 से 20 किलोमीटर रोजाना पैदल आवाजाही करते हैं। बच्चे सुबह छह बजे घर से निकलते हैं और अंधेरा होने पर ही घर पहुंचते हैं। चिंता के कारण बरसात और अपेक्षाकृत छोटे दिनों में अभिभावकों को बच्चों को लेने जाना पड़ता है। इन परेशानियों के बीच अनेक बच्चे खासकर लड़कियां हाईस्कूल से आगे नहीं पढ़ पा रही हैं। इन समस्याओं और बच्चों के भविष्य को देखते हुए क्षेत्र से लगातार पलायन भी हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2022 में सरकार की तरफ से आश्वासन दिए जाने के बावजूद अब तक विद्यालय में 11वीं-12वीं की कक्षाएं शुरू करने संबंधी शासनादेश जारी नहीं हो पाया है। अब उनके पास आमरण अनशन जैसा कदम का उठाने के अलावा रास्ता नहीं बचा है। आमरण अनशन शुरू करने वाले क्षेत्र पंचायत सदस्य रमेश सिंह धामी के समर्थन में ग्रामीण 24 घंटे उनके साथ डटे हैं।