पिथौरागढ़ के जाराजिबली के ग्रामीणों ने विद्यालय के उच्चीकरण की मांग पर 120 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय पहुंचकर कलक्ट्रेट के बाहर आमरण अनशन शुरू किया। ग्रामीणों ने कहा कि 2022 में उच्च प्राथमिक विद्यालय के उच्चीकरण का शासनादेश जारी हो गया था। आज तक भी वहां इंटर की पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है। हमारे बच्चे इंटर की पढ़ाई के लिए 22 किलोमीटर दूर मवानी दवानी के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं। जाराजिबली पीएम श्री उच्चतर मााध्यमिक विद्यालय का उच्चीकरण कर इंटरमीडिए की कक्षाएं संचालित करने की मांग पर गांव के बच्चे, युवा, बुजुर्ग और महिलाएं बड़ी संख्या में जिला मुख्यालय पहुंचीं। सभी ने नगर के सिल्थाम तिराहे से जुलूस निकाला और कलक्ट्रेट पहुंचकर आमरण अनशन में बैठ गए। ग्रामीणों ने कहा कि उनके बच्चे इंटर तक की शिक्षा हासिल करने के लिए हर रोजाना 44 किलोमीटर का फेरा लगा रहे हैं। इतनी दूर आने-जाने में समय अधिक लगने से उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। इन हालात में बेटियों को अन्य स्कूलों में भेजना मुमकिन नहीं है और वे हाईस्कूल के बाद घर बैठने के लिए मजबूर हैं। बच्चों की पढ़ाई की चिंता में अनेक परिवार पलायन करने के लिए विवश हुए हैं। शासनादेश के बाद भी विद्यालय का उच्चीकरण न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। कई बार शासन-प्रशासन के समक्ष इस मामले को रखा जा चुका है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक स्कूल में इंटर की कक्षाएं संचालित नहीं होती वे अनशन से नहीं उठेंगे। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य महेंद्र सिंह परिहार, बीडीसी सदस्य रमेश सिंह धाम, विक्रम सिंह, पीटीए अध्यक्ष जयंती देवी सहित कई ग्रामीण शामिल रहे।