पिथौरागढ़ में पर्यावरण बटालियन को शिफ्ट करने के फैसले पर पूर्व सैनिकों का रोष बढ़ता जा रहा है। इसके विरोध में शुक्रवार को पूर्व सैनिकों ने लगातार चौथे दिन धरना देकर सरकार से इस निर्णय को वापस लेने की मांग की। कहा कि जब तक सरकार यह जनविरोधी निर्णय वापस नहीं लेती उनका आंदोलन जारी रहेगा और इसे व्यापक रूप दिया जाएगा। पूर्व सैनिकों के विरोध को अन्य संगठनों ने भी समर्थन दिया। कलक्ट्रेट के बाहर धरनास्थल पर बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक संगठन के लोगों ने सरकार के इस निर्णय के खिलाफ आवाज बुलंद की। जिलााध्यक्ष मयूख भट्ट के नेतृत्व में पूर्व सैनिकों ने सरकार के इस निर्णय के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। धरना स्थल पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील और पहाड़ के इस नाजुक इलाके से 130 इंफेंट्री बटालियन (टीए) को स्थानांतरित न किया जाए। ऐसे संवेदनशील इलाके में पर्यावरण बटालियन की जरूरत हमेशा रहेगी। कहा कि सैनिकों को कोई भी कार्य और लड़ाई शुरू करने पर उसे अंजाम तक पहुंचाना सिखाया जाता है। इसलिए सरकार से मांग करते हैं कि वह इस फैसले को वापस ले। अन्यथा पूर्व सैनिक इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचकर ही रुकेंगे। पूर्व सैनिकों ने आम जनता का भी आह्वान किया कि उनके इस संघर्ष में वह साथ आएं। धरने में शामिल होकर अखिल भारतीय समानता मंच, सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसाइटी, शिक्षक संघ और अन्य संगठनों से जुड़े लोगों ने भी पूर्व सैनिकों को समर्थन दिया। इस मौके पर सुरेश चंद्र विजेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह कठायत, प्रमिला बोहरा, दीपा जोशी, कमलेश जोशी, मोहित चौंसाली, राजेंद्र सिंह खनका, महेश पांडे, राजेंद्र सिंह जोरा, प्रवीन रावल, किशन सिंह भाटिया, कमलेश जोशी सहित संगठन से जुड़े अनेक लोग मौजूद रहे।