पिथौरागढ़ में डिप्लोमा इंजीनियरों ने पदोन्नति, पुरानी पेंशन बहाली, स्थानांतरण सहित 23 सूत्री मांगों पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। अभियंताओं ने कहा कि सरकार उनके हितों की अनदेखी कर रही है इसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।सिंचाई, ग्रामीण निर्माण विभाग, लघु ढाल, जल निगम, जल संस्थान सहित अन्य विभागों के डिप्लोमा इंजीनियरों ने कलक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से 26 वर्ष की सेवा के बाद 8700 ग्रेड पे, पुरानी पेंशन बहाली, जल संस्थान और निगम का एकीकरण और राजकीयकरण करने, ऊर्जा निगम में कनिष्ठ अभियंता का सहायक अभियंता के पद प्रोन्नति की सीमा 50 फीसदी करने, कृषि विभाग और जिला पंचायत में सहायक, अधिशासी और अधीक्षण अभियंता का पद सृजित करने, दुर्गम में सालों से सेवा दे रहे अभियंताओं का सुगम में स्थानांतरण करने की मांग सरकार से कर रहे हैं। सरकार इन मांगों पर गौर नहीं कर रही है। सभी बातों को अनसुना कर हमारे हितों की अनदेखी की जा रही है इसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चेतावनी देते हुए कहा कि सभी 27 सूत्रीय मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे कार्य बहिष्कार करते हुए सड़कों पर उतरेंगे। धरना देने वालों में संगठन के अध्यक्ष प्रदीप नेगी, दिनेश पांडे, कमल भट्ट, विवेकानंद बगोली, महिमा पांगरिया, गुंजन, मंगला, संजय वर्मा, ऋषभ शाह, मनीष खड़ायत, दिनेश जोशी, मनीष पंत सहित कई अभियंता शामिल रहे।