राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से बुधवार को जिला पंचायत सभागार में कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें सैकड़ों बच्चे शामिल हुए। आयोग के सचिव डॉ. एसएके बरनवाल ने बच्चों को उनके अधिकार बताते हुए साइबर क्राइम से बचने के उपाय और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की जागरूकता से ही बाल अपराधों पर अंकुश लगेगा। डॉ. बरनवाल ने बच्चों के मानसिक, शारीरिक एवं भावनात्मक रूप से सुरक्षित वातावरण में जीने का अधिकार, नाम एवं राष्ट्रीयता प्राप्त करने का अधिकार और सरकारी संरक्षण पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को उसके अधिकार मिलें आयोग इसके लिए गंभीर है। आरटीई के तहत सीटों के सापेक्ष हर निजी स्कूल को निर्धन बच्चों को प्रवेश देना होगा। डीएम आशीष भटगांई ने बच्चों को नशा मुक्ति के प्रति जागरूक किया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बच्चों को इंटरनेट का उपयोग सिर्फ पढ़ाई के उद्देश्य से ही करना चाहिए। मास्टर ट्रेनर चंद्रशेखर जोशी ने बच्चों को यातायात के नियम बताते हुए इनका पालन करने की अपील की। कार्यशाला में बाल संरक्षण आयोग के अनु सचिव सतीष कुमार सिंह, एडीएम योगेंद्र सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मंजू देवी सहित कई अधिकारी और विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी शामिल रहे।