कलयुग में मुक्तिदायिनी मानी जाने वाली मां गंगा के अवतरण दिवस। गंगा दशहरा पर्व को देवप्रयाग तीर्थ में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। श्रद्धालुओं ने भागीरथी और अलकनंदा के संगम स्थल पर पहुंचकर पवित्र स्नान, पूजन और धार्मिक अनुष्ठान किए। बदरी-केदार यात्रा मार्ग पर स्थित देवप्रयाग में गोमुख से निकली भागीरथी गंगा के प्रथम दर्शन के कारण यहां विशेष महत्व रहा। देशभर से आए तीर्थयात्रियों ने दिनभर संगम पर स्नान और पूजन कर गंगा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। भगवान राम की तपस्थली माने जाने वाले रामकुंड में भी श्रद्धालु स्नान के लिए जुटे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और जल पुलिस की ओर से विशेष इंतजाम किए गए थे। पर्व ने एक बार फिर देवप्रयाग को गंगा भक्ति के केंद्र में ला खड़ा किया।