नैनीताल कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में बुनियादी समस्याओं को लेकर मंगलवार को छात्र राजनीति उफान पर रही। परिसर की बदहाली से नाराज छात्र नेताओं के दो गुटों ने अलग-अलग रणनीतियों के तहत प्रशासन की घेराबंदी की। एक गुट मांगों को लेकर सीधे धरने पर बैठ गया, तो दूसरे गुट ने कुलपति प्रो. डीएस रावत को ज्ञापन सौंपकर व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की। छात्रों के इस चौतरफा दबाव के आगे झुकते हुए शाम को विश्वविद्यालय प्रशासन ने मांगों को पूरा करने का लिखित आश्वासन जारी किया। प्रशासनिक भवन सभागार में बैठक के दौरान सकारात्मक वार्ता नहीं होने पर छात्र महासंघ के अध्यक्ष आशीष कबड़वाल के नेतृत्व में छात्रों ने प्रशासनिक भवन के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि लंबे समय से परिसर में शौचालय बदहाल हैं, सुरक्षा और वाई-फाई जैसी जरूरी सुविधाएं न होने से छात्र बेहद परेशान हैं। दूसरी तरफ पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष उत्कर्ष बिष्ट, छात्रसंघ उपसचिव चेतन बिष्ट, जयवर्धन, अतुल रावत और गौरव भट्ट ने कुलपति प्रो. डीएस रावत से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। उन्होंने डिजिटल पढ़ाई के लिए ई-लाइब्रेरी, आधुनिक शिक्षा के लिए स्मार्ट बोर्ड की स्थापना, खेल मैदान का विकास करने, स्वच्छ पेयजल, खेल सामग्री की उपलब्धता और परिसर के सौंदर्यीकरण की मांग प्रमुखता से उठाई। कुलपति प्रो. रावत ने कहा कि शौचालयों के नवीनीकरण के लिए सहायक अभियंता को दो दिन में एस्टीमेट देने, नियमित सफाई के लिए संपत्ति अधिकारी नियुक्त करने, दो दिनों में विभागों का सर्वे कर पांच लाख की सीमा में स्मार्ट बोर्ड लगाने और मुफ्त वाई-फाई के प्रस्ताव को आगामी वित्त समिति में रखने की मंजूरी दी गई है। बताया कि परीक्षा कक्षों के बाहर स्टोरेज अलमारी लगाने, दृश्य कला विभाग में सीसीटीवी लगाने, बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने और एम्बुलेंस व डॉक्टर की नियुक्ति का प्रस्ताव शासन को भेजने का भी निर्णय लिया गया है। इधर, लिखित आदेश मिलने के बाद छात्रों ने अपना धरना समाप्त किया। धरना देने वालों में आयुष, कमल कार्की, शिवम गंगवार, हिमांशु आर्या, शुभम कुमार, सागर सिंह, पीयूष जलाल, हितेश जोशी, हिमांशु पाठक, दिनेश चंद्रा, तिलक कुमार आदि मौजूद रहे।