किसान के आत्महत्या करने पर युवा-अग्नि संगठन ने सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय देवपुरा में सरकार और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर मामले की सीबीआई जांच करने और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समेत पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की। ज्ञापन में बताया कि प्रदेश के उधमसिंह नगर जनपद के काशीपुर का किसान सुखवंत सिंह जमीन खरीद में हुए धोखे के बाद न्याय के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित स्थानीय पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगाते हुए दर-दर की ठोकरें खाते रहे, जब सुखवंत सिंह को हर जगह से निराशा ही मिली तो उसने आत्महत्या कर ली। सुखवंत सिंह की मौत के बाद पुलिस की ओर से विज्ञप्ति के जरिए से मृतक सुखवंत के खिलाफ अनेक आरोप लगाए, जबकि, आत्महत्या से पूर्व सुखवंत सिंह ने आप बीती वीडियो से रिकॉर्ड की, इसमें उन्होंने उत्तराखंड पुलिस के बड़े अधिकारियों से लेकर निचले स्तर के पुलिसकर्मियों का दागदार और भ्रष्ट चेहरा भी बयां किया था। सुखवंत सिंह ने वीडियो में अपने साथ हुए घटनाक्रम की सीबीआई जांच की मांग भी थी, इसलिए, सुखवंत सिंह की अंतिम इच्छा का मान रखते हुए मामले की भारत सरकार से सीबीआई जांच कराई जाए। संरक्षक सोम त्यागी, मनोज सैनी ने कहा कि भाजपा सरकार में कोई भी सुरक्षित नहीं है। धामी सरकार हर मोर्चे पर विफल है, किसान आत्महत्या कर रहा है, भाजपा नेता बहन बेटियों का शोषण कर रहे हैं। ऋषभ वशिष्ठ और विकास चंद्रा ने कहा कि धामी सरकार में अफसरशाही हावी है, पुलिस आमजन की सुरक्षा न कर कमीशन बाजी में लग गई है। अखिल त्यागी और विशाल प्रधान ने कहा कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है, जिस कारण किसान आत्महत्या करने को मजबूर हुआ। इस मौके पर पार्षद महावीर वशिष्ठ, सोहित सेठी, आशु भारद्वाज, सागर बेनवाल, अकरम अंसारी, मोहित शर्मा, विमल शर्मा, साटू, निखिल सौदाई, आशु श्रीवास्तव, कैलाश भट्ट, रवि बाबू शर्मा, अनंत पांडेय, सार्थक ठाकुर आदि मौजूद रहे।