चंपावत जिले में वन विभाग और किच्छा के एक उद्योगपति के मध्य पिरूल खरीदने को लेकर समझौता हो गया है। इससे जिले की महिलाओं को रोजगार मिलने के साथ ही जिले में वनाग्नि की घटनाओं में कमी होगी। जिले के लोगों को पिरूल के जरिए रोजगार मिल रहा है। जिले में पिछले साल लोगों से पिरूल तीन रुपये प्रति किलो खरीदा जाता था। इस बार 10 रुपये किलो खरीदा जा रहा है। पिरूल की कीमत बढ़ने से लोगों में काफी उत्साह है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को पिरूल के माध्यम से रोजगार मिल रहा है। इससे फायर सीजन में जंगलों में आग नहीं लगेगी और लोग अधिक से अधिक संख्या में पिरूल एकत्रीकरण करने का काम करेंगे। जंगल में पड़ा रहने वाला पिरूल लोगों के लिए आय का जरिया बन रहा है। सरकार की इस पहल से लोगों के चेहरे खिल गए हैं।